अवैध खनन सामग्री वाले वाहनों पर पैनल्टी 5 गुना बढ़ाई, अब 5 लाख रुपए तक जुर्माना


जयपुर. प्रदेश में अवैध खनन व इसका परिवहन रोकने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब यदि कोई वाहन अवैध खनन का परिवहन करता पाया गया ताे उस पर पहले के मुकाबले पांच गुना तक ज्यादा पैनल्टी लगाई जाएगी। इस राशि के अलावा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एवज में एक लाख रुपए की अतिरिक्त राशि भी वसूली जाएगी। रॉयल्टी भी पहले की तरह लगती रहेगी।


यानी कोई ट्रक अवैध खनन सामग्री परिवहन करते हुए पकड़ा गया तो उसे पैनल्टी और रॉयल्टी समेत करीब सवा चार लाख रुपए चुकाने होंगे। पहले यही राशि एक लाख रुपए तक तय थी। इसी तरह डंपर, ट्रैक्टर और जेसीबी पर भी भारी-भरकम पैनल्टी लगाई जाएगी। जेसीबी के लिए तो 5 लाख रु. तक चुकाने होंगे। पहले केवल एक लाख रुपए ही चुकाने पड़ते थे। एनजीटी के अादेश के बाद राज्य सरकार के खान विभाग की अाेर से यह कदम उठाया गया है।



































वाहनपहलेप्रस्तावित राशि (रु. में)
ट्रैक्टर25 हजार1 लाख
डंपर50 हजार3 लाख
ट्रक1 लाख3 लाख
एक्सकेवेटर1 लाख5 लाख
जेसीबी1 लाख5 लाख


प्रस्तावित राशि में केवल पैनल्टी शामिल है। यदि कोई वाहन अवैध बजरी का परिवहन करते पकड़ा गया तो पैनल्टी राशि के अलावा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एवज में एक लाख अतिरिक्त रुपए एनजीटी को देने होंगे। इन वाहनों से वसूली जाने वाली रॉयल्टी राशि भी अलग है।



कोर्ट के निर्देश पर उठाया कदम : मंत्री


अवैध खनन काे राेकने अाैर काेर्ट के निर्णय के अनुपालना में यह कदम उठाया जा रहा है।


-प्रमाेद जैन भाया, खान एवं पेट्राेलियम मंत्री



हाईकोर्ट और एनजीटी ने दिए थे सख्ती के निर्देश
दरअसल, जाेधपुर के लूणी नदी क्षेत्र में अवैध खनन रोकने को लेकर खेम सिंह ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के दौरान हाईकाेर्ट ने राज्य सरकार काे अवैध बजरी खनन से जुड़े मामलाें की राेकथाम पर पाॅलिसी अपडेट करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी सरकार को अवैध खनन रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा था। इसलिए सरकार दबाव में थी। पिछले दिनाें इसको लेकर सरकार की एक उच्च स्तरीय बैठक में यह रकम तय की गई।



नियमाें में संशोधन के बाद जारी होंगे आदेश
नए प्रावधानों को राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली 2017 में संशाेधन कर लागू कराया जाएगा। इसकाे लेकर जल्द ही सरकार की अाेर से अादेश जारी किए जाएंगे।